घनश्यामपुर में संक्रामक बीमारी का प्रकोप, आधा सैकड़ा ने पकड़ी चारपाई

 गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परीक्षण कर वितरित कीं दवाएं
 प्रधान की हीलाहवाली से खासे नाराज हैं ग्रामीण
 संक्रामक बीमारी से ग्रसित मरीज
जहानाबाद-फतेहपुर। देवमई विकास खण्ड की ग्राम पंचायत घनशमपुर की हरिजन बस्ती सहित पूरे गांव में संक्रामक बीमारी इस कदर फैली हुयी है कि तमाम लोग चारपाई पकड़े हुए हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित करने के साथ ही स्लाइड बनाई।
बताते चलें कि देवमई विकास खण्ड की ग्राम पंचायत घनश्यामपुर हरिजन बस्ती सहित गांव में संक्रामक बीमारी की चपेट में लगभग आधा सैकड़ा से अधिक लोग आ चुके हैं। सभी लोग चारपाई पकड़े हुए हैं। गांव में फैली गन्दगी व मौसम परिवर्तन के कारण गांव में संक्रामक बीमारी ने पैर पसार रखे हैं। जिसके कारण 55 वर्षीय राम प्यारी पत्नी धनीराम, 8 वर्षीय कृतिका पुत्री गोरेलाल, सचिन 1 वर्ष पुत्र किशन, छाया 5 वर्ष पुत्री किशन, किशन की 25 वर्षीय पत्नी बीना, 40 वर्षीय गंगा सेवक पुत्र महावीर उसकी 35 वर्षीय पत्नी, उसका 15 वर्षीय पुत्र अंकित, 14 वर्षीय संध्या पुत्री रामसेवक, 8 वर्षीय प्रिया पुत्री वीरेन्द्र कुमार, 28 वर्षीय सीता पत्नी वीरेन्द्र कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग चारपाई पकड़े हुए हैं। गांव में फैली संक्रामक बीमारी की जानकारी देवमई पीएचसी अधीक्षक डॉ रघुराज को मिली तो उन्होने तत्काल शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव भेजी। जिसमें डॉ0 जय करन एवं फार्मासिस्ट तथा लैब टेक्नीशियन शामिल हैं। टीम ने मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित की। गांव में संक्रामक बीमारी फैलने का मुख्य कारण जलभराव एवं गंदगी है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को जब सुबह पहुंची तो ग्राम प्रधान ने टीम को भ्रमित कर वापस कर दिया और यह कहा कि गांव में कोई बीमार नहीं है। ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी हुयी तो उनका पारा चढ गया। ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव जीतने धनीराम के बाद से आज तक प्रधान ने हम लोगों की तरफ मुड़कर नहीं देखा तो वह सफाई क्या करवाएंगे। गांव के हरिनारायन, गंगा सेवक, महावीर, किशन, धनीराम आदि ने बताया कि लगभग एक पखवाड़े से आधा सैकड़ा से अधिक लोग बुखार जुकाम एवं खांसी से पीड़ित हैं। जिनमें लगभग दो दर्जन लोगों का इलाज कस्बे के प्राइवेट अस्पतालों में हो रहा है लेकिन अभी तक लोगों को आराम नहीं मिला है। इस संबंध में पीएचसी देवमई में कार्यरत अधीक्षक डॉक्टर रघुराज ने बताया कि लगभग एक दर्जन मरीजों की स्लाइड बनाई गई है। कई दर्जन मरीजों को दवाएं वितरित की गई हैं। गांव में गंदगी फैलने का मुख्य कारण मकानों के करीब लगे घूर एवं गंदगी है।

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