गुनाह करने से ढाल बनकर रोकता है रोजा-अंसारूल हक

समाजसेवी व सपा युवा नेता अंसारूल हक
फतेहपुर। समाजसेवी व समाजवादी पार्टी के युवा नेता अंसारुल हक ने जानकारी देते हुए कहा कि रमजानुल मुबारक वह मुकद्दस पवित्र महीना है। जिसकी अजमत का कोई अंदाजा नहीं लगाया सकता है क्योंकि अल्लाह ने इस माह को खास बनाया है। उन्होने कहा कि रोजदार को गुनाह करने से रोजा ढाल बनकर रोकता है।
समाजसेवी श्री हक ने कहा कि रमजान में बन्दों के लिए माफी के सारे दरवाजे खोल दिए जाते है और उनके गुनाह बख्श दिये जाते हैं। रोजेदार के लिए फरिश्ते दिन रात मगफिरत के लिए दुआ करते हैं। रोजदार अपने रब पर पूरे दिन भूख प्यास में रहकर बर्दाश्त करता है। अपने रब को राजी करने की कोशिश करता है। अल्लाह तआला की इबादत करता है। इस पवित्र महीने के रोजे हर इंसान पर फर्ज है। रोजा जानबूझ कर छोड़ने वाला इंसान गुनाहगार और अजाब (सजा) का हकदार हैं। रोजेदार को तीन अशरो में बांटा गया है। पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नम की आजादी का अशरा होता है। उन्होने कहा कि रमजान में ऐसा कोई काम न करें जिससे किसी को तकलीफ हो। रमजानुल मुबारक में ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की इबादत करें। ईद का पर्व आपसी भाईचारे के बीच मनायें।

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