एक्शन में डीएम आज़मगढ़ . कमी मिलने पर लगाई फटकार

आजमगढ़ 14 जून — जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के संबंध में बैठक सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि चयनित किये हुए जोड़ों की पुनः जांच कर लें, जिसमें कोई विवादास्पद न हो तथा नाबालिक लड़के तथा लड़की न हो, ऐसा कोई जोड़ा न हो जिनकी शादी पूर्व में हो चुकी है।
नगर पालिका/नगर पंचायत के अन्तर्गत एक भी जोड़े का चयन न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए समस्त नगर पालिका/नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में जोड़ों की तलाश कर उसकी सूची जिला समाज कल्याण अधिकारी को जल्द से जल्द उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत पात्र जोड़ों की जो सूची तैयार की गयी है, उसको जिले की वेबसाइट तथा विभाग के वेबसाइट पर पब्लिक डोमेन हेतु अपलोड कराना सुनिश्चित करें। इसी के साथ ही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रचार प्रसार समाचार पत्रों में भी करायें। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि चयन किये जा रहे जोड़ों का आधार नम्बर भी लेना सुनिश्चित करें।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति/जनजाति, सामान्य, पिछड़ा व अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी हेतु प्रति जोड़ा व्यय हेतु 51 हजार रू0 की स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिसमें से सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत रू0 35 हजार कन्या के खाते में एवं विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री रू0 10 हजार तथा कार्यक्रम के आयोजन हेतु रू0 06 हजार की धनराशि व्यय की जायेगी।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार यादव ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत बताया कि इसके पात्रता के लिए कन्या के अभिभावक उ0प्र0 का मूल निवासी हो, कन्या/कन्या के अभिभावक निराश्रित, निर्धन अथवा जरूरतमंद हों, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत पात्रता हेतु आवेदक के परिवार की आय गरीबी रेखा की सीमा 02 लाख रूपये जो तहसील स्तर से निर्गत हों, के अन्तर्गत होना चाहिए, या जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया हो कि लाभार्थी की स्थिति नितान्त दयनीय व वंचित हो, विवाह हेतु किये गये आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी अनिवार्य है तथा वर के लिए 21 वर्ष की आयु पूर्ण हो गयी हो, आयु की पुष्टि के लिए स्कूल शैक्षिक रिकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता प्रमाण पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, आधार कार्ड मान्य होंगे, अनुसूचित जाति/जन जाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, विवाह हेतु निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग अभिभावक की पुत्री, ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो, को प्राथमिकता प्रदान की जायेगी तथा निर्धारित आवेदन पत्र ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत तथा जोनल कार्यालय पर जमा किये जायेंगे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डी0एस0 उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेन्द्र सिंह, जिला विकास अधिकारी रवि शंकर राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार यादव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विकास वर्मा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह, जिला सूचना अधिकारी डॉ0 जितेन्द्र प्रताप सिंह सहित खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

0Shares
Total Page Visits: 8094 - Today Page Visits: 4

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *