आज वैदिक पूजन के साथ पिलर का पहला पत्थर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टीयों की मौजूदगी में रखा गया

अयोध्या :-  राम मंदिर के लिए तराशे गए कार्यशाला में रखे पत्थरों को राम मंदिर ले जाने का कार्य अब शुरू हो गया है। आज वैदिक पूजन के साथ पिलर का पहला पत्थर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टीयों की मौजूदगी में क्रेन के माध्यम से ट्रक पर रखा कर ले जाया गया। एलएनटी के विशेषज्ञ इंजीनियरों के देखरेख में इन पत्थरों को आज ले जाया गया। अब 12 अक्टूबर से प्रतिदिन राम मंदिर के लिए पत्थरों को ले जाने का कार्य किया जाएगा।यह राम भक्तों के लिए हर्ष का खबर है कि अब राम मंदिर का कार्य दूसरे पड़ाव पर पहुंचता नजर आ रहा है।अभी राम मंदिर के लिए टेस्ट पाइलिंग का काम कंप्लीट हो चुका है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्रा के अनुसार 15 अक्टूबर के नजदीक आईआईटी चेन्नई की विशेषज्ञ वैज्ञानिक टेस्ट की रिपोर्ट दे देंगे और 15 अक्टूबर के बाद से 12 सौ पिलरों के पाइलिंग का कार्य शुरू हो जाएगा.पाइलिंग के कार्य शुरू होते ही जैसे जैसे पाइलिंग का कार्य पूरा होगा सतह का निर्माण शुरू हो जाएगा।सतह के अंदर 100 फीट गहरा 1 मीटर व्यास का यह एक पिलर बनाया जाएगा। जिसके ऊपर राम मंदिर का निर्माण होगा। ट्रस्ट का मानना है कि भूकंप रोधी होगा और 1000 वर्षों तक मंदिर सुरक्षित रहेगा। आज पहला पिलर का तराशा गया पत्थर राम जन्म भूमि पर ले जाया गया है। माना जा रहा है कि 2021 के मई या जून तक पाइलिंग का काम भी कंप्लीट हो जाएगा और साथ ही कार्यशाला से पत्थर जाने का कार्य भी पूरा हो जाएगा।अभी राम मंदिर निर्माण के लिए पहली मंजिल का 70% का कार्य पूरा हो चुका है। बचे 30 प्रतिशत कार्य को पूरा करने के लिए राम जन्मभूमि परिसर में ही कार्यशाला स्थापित की जाएगी। यही नहीं राजस्थान में भी कार्यशाला स्थापित की जाएगी। जिससे कम समय में जल्दी तराशे गए रेड पिंक स्टोन पत्थर राम मंदिर के लिए मिल सके। इन तराशे गए पत्थरों को राम जन्म भूमि पर ले जाया जाएगा। उसकी कोडिंग की जाएगी क्योंकि जब राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण होगा उसी कोडिंग के अनुसार ही पत्थरों को रखा जाएगा। माना जा रहा है कि 3 वर्षों में राम मंदिर निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा ।

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