आजमगढ़ ! बाबरी विध्वंस के दोषियों को सज़ा मिलने तक लड़ते रहेंगे — नुरुलहुदा 

बाबरी विध्वंस के दोषियों को सज़ा मिलने तक लड़ते रहेंगे — नुरुलहुदा 
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के प्रदेश युवा अध्यक्ष व शिब्ली कालेज के छात्र संघ पूर्व महामंत्री नुरुल हुदा के नेतृत्व में युवा कार्यकर्त्ता और छात्रों ने शिब्ली कालेज पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम तीन सूत्रीय ज्ञापन SDM सदर आजमगढ़ को सौंपा ! इस मौके पर नुरुल हुदा ने कहा कि 6 दिसम्बर 1992 का दिन देश के इतिहास में काला दिन था कि जिस दिन हिंदुस्तान के क़ानून, दिन के उजाले में लोकतंत्र की धज्जिया उड़ाते हुए  हुकूमत को बलाय ताक पर रख कर बाबरी मस्जिद को शहीद कर दिया गया और उस वक्त की हुकूमत ने वादा की कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जायगा पर आज भी इस वाकये में इंसाफ नही हुआ है और जो मुल्जिमान थे उन्हें इस जुर्म की सज़ा तक नही मिली है। ऐसे में मुल्क के हर एक इंसाफ पसन्द शहरी का ये फ़र्ज़ बनता है कि वो इस नाइंसाफी के खिलाफ आवाज़ उठाये। बाबरी मस्जिद की मिल्कियत का मसला अभी सुप्रीम कोर्ट में रिव्यु अपील में है पर इस वाकये में जिन लोगों ने मस्जिद को शहीद किया और क़ानून को अपने हाथ मे लिया उनके खिलाफ तो क़ानूनी कारवाही होनी चाहिए। फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में इस मुक़दमा का भी सुनवाई हो और मुजरिमों को सज़ा दी जाए क्योंकि अब तो माननीय सुप्रीम कोर्ट ने खुद भी कह दिया है कि वहां मस्जिद को तोड़ा गया था तो फिर इंसाफ कब? नुरुल हुदा ने मांग किया कि 1- बाबरी मस्जिद गिराने वालों के विरुद्ध दायर मुकदमा का तेज़ी से निस्तारण करा कर उन्हें कठोर सजा दिलायी जाए
2- जिस तरह से मस्जिद टाइटिल सूट   के मुक़दमे में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई कर फैसला दिया उसी प्रकार से इस मुक़दमे में भी फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट से सुनवाई कर फैसला दें
3- बाबरी मस्जिद को गिराने वाले और साजिश कर्ता को भी सख़्त से सख़्त सज़ा दी जाए ताकि पूरी दुनिया में एक मिसाल बने और आइंदा कोई क़ानून , संविधान  और न्यायिक ब्यवस्था से खिलवाड़ करने कि  दुस्साहस न कर सके !
इस मौके पर मुख्य रूप से अब्दुर्रहमान अध्यक्ष SNCSU , एतेशाम , बेलाल पूर्व महामंत्री , हम्ज़ा, शाहिद , सेराज , शारिक खान , शम्स तबरेज़ , मंजर खान , हाशिम , शफ़कत , अहमद फरहान , दानिश , शारिक , रामु , अमरेश , अर्शलान , आमिर , शाबिर , ग़ालिब , अशरफ , मेराज़ खान , हाफ़िज़ वसीम , अंशु सिंह , काशिफ़ शाहिद , इरफ़ान , अबू तल्हा , आरिफ़ आदि युवा कार्यकर्त्ता व छात्र भारी संख्या में मौजूद थे !
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